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नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा क्यों होती है, जानिए धार्मिक परंपरा और महत्व

नवरात्रि में नौ देवियों की पूजा का क्या है महत्व

भारत में नवरात्रि को देवी शक्ति की आराधना का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। धार्मिक परंपरा में इन स्वरूपों को शक्ति, तपस्या, साहस, करुणा और आध्यात्मिक सिद्धि जैसे गुणों से जोड़ा जाता है। शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर से होने की जानकारी प्रकाशित पंचांग संबंधी रिपोर्टों में दी गई है। पर्व के दौरान अलग-अलग दिनों में देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।

1. मां शैलपुत्री

2. मां ब्रह्मचारिणी

3. मां चंद्रघंटा

4. मां कूष्मांडा

5. मां स्कंदमाता

6. मां कात्यायनी

7. मां कालरात्रि

8. मां महागौरी

9. मां सिद्धिदात्री

कन्या पूजन की परंपरा

नवरात्रि में कई परिवार अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं। इस परंपरा में बालिकाओं को देवी शक्ति का प्रतीक मानकर उनका सम्मान किया जाता है। कई स्थानों पर बालिकाओं को भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं। इस परंपरा का एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश बालिकाओं के सम्मान और उनके महत्व को स्वीकार करना भी है। नवरात्रि का आध्यात्मिक संदेश नौ देवियों की पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। इन स्वरूपों से जुड़ी मान्यताएं मनुष्य को साहस, धैर्य, संयम, करुणा और सकारात्मकता जैसे गुणों की याद दिलाती हैं। नवरात्रि के दौरान कई लोग अपनी दिनचर्या में अनुशासन लाते हैं, ध्यान करते हैं और परिवार के साथ धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते हैं।

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